अश्लील गानों पर डांस कराते थे, फिर नशे की सूई दे ‘गंदा’ काम करते थे

मुजफ्फरपुर। चर्चित बालिका सुधार गृह यौन शोषण मामले में सीबीआइ ने मुक्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर व अन्य 21 पर आरोप पत्र विशेष पाॉस्को कोर्ट में दाखिल कर दिया है। इसमें सभी आरोपियों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह भी कहा गया है कि लड़कियों से मुजरा की शक्ल में भोजपुरी और अन्य तरह के गानों पर डांस कराया जाता था। साथ ही उनको नशे की सूई भी दी जाती थी। नशे की हालत में जब लड़कियां सो जाती थीं, तब उनके साथ शारीरिक संबंध बनाया जाता था। जिसका पता सोकर उठने के बाद लड़कियों को नहीं हो पता था। कई बार दर्द निवारक दवाएँ भी दे दी जाती थीं।

चार्जशीट में ब्रजेश ठाकुर पर मुख्य आरोप लगाए गये हैं। वह इस बालिका गृह का संचालक था। उसके एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति का वह कार्यपालक निदेशक था। इसमें उसका सहयोग करने के लिये रवि रोशन व मामू सहित बालिका गृह की अन्य कर्मचारी शामिल रहते थे। जब भी लड़कियां इस काम का विरोध करती थीं तो उन्हें पीटा भी जाता था।

रवि कुमार रोशन बाल संरक्षण पदाधिकारी (सीपीओ) था। उस पर कई लड़कियों ने रेप का आरोप लगाया है। वह लड़कियों को छोटे कपड़े पहनने पर मजबूर करता था और अश्लील गानों पर डांस करवाता था। विकास कुमार बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) का सदस्य था। लड़कियों ने उस पर भी रेप का आरोप लगाया है। वह लड़कियों को नींद की दवाएँ देता था। दिलीप कुमार वर्मा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) का अध्यक्ष था। लड़कियों ने उसकी पहचान फोटो से की है इस मामले मे। उसको अपने बयान में लड़कियों ने सबसे गंदा आदमी बताया था। उस पर रेप के आरोप लगे हैं।

रोजी रानी बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक थी। लड़कियों ने यह टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की टीम को कहा कि रोजी को सभी जानकारी दी गई थी, लेकिन वह चुप रही। उसने कोई एक्शन नहीं लिया था। उल्टे वह आरोपियों की मदद करती रही। शाइस्ता परवीन उर्फ मधु भी ब्रजेश की बेहद करीबी थी। वह भी एनजीओ सेवा संकल्प और विकास समिति के प्रबंधन से जुड़ी थी। सीबीआइ के मुताबिक वह लड़कियों को सेक्स की शिक्षा देती थी। साथ ही गानों पर डांस करने के गुर सिखाती थी। जो भी लड़की उसका आदेश नहीं मानती थी, उसे तीन दिन तक नमक-रोटी खाने को दिया जाता था। इसके बाद डॉक्टर प्रमिला पर इस बात का आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपनी ड्यूटी को ठीक से नहीं निभाया। जब लड़कियों ने यह बताया कि उनके साथ ब्रजेश, रवि रोशन, विजय व विकास ने रेप किया है तो उन्होंने लड़कियों को कहा कि तुम लोगों को दवा दे दूंगी। उसने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया और न ही किसी तरह की मदद की।

इसी तरह रामाशंकर सिंह उर्फ मास्टर साहेब उर्फ मास्टर जी, डॉ. अश्वनी उर्फ आसमनी,
इंदू कुमारी, मीनू देवी, मंजू देवी, चंदा देवी, नेहा कुमारी, हेमा मसीह, किरण कुमारी पर भी आरोप लगाए गए हैं। सभी पर लड़कियों को नशीली दवाएँ देने, पीटने व अन्य तरह के आरोप लगाए गए हैं। एक महिला कर्मचारी पर लड़कियों से साथ आपत्तिजनक स्थिति में सोने का भी आरोप है। इस मामले में ब्रजेश के नौकरों पर भी आरोप लगाए गये हैं। उनमें विजय कुमार तिवारी, गुड्डू व कृष्णा राम के नाम हैं।

सीबीआइ ने 19 दिसंबर को विशेष पॉक्सो कोर्ट में सभी 21 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। सभी पर भारदीय दंड संहिता की धारा 323, 325, 341, 354, 376 सी व 34 एवं पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 04, 06,08, 10, 12 व 17 के तहत आरोप लगाए गए हैं। अबतक इस मामले में 102 गवाहों के बयान और साक्ष्य लिये हैं। जिसमें बालिका सुधार गृह की वे 33 लड़कियां भी है, जिन्होंने आरोपियों पर आरोप लगाए हैं। For more knowledge read Muzaffarpur Hindi News : मुजफ्फरपुर हिंदी न्यूज़

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